योजना क्या है?
यह योजना महाराष्ट्र सरकार ने 1 अगस्त 2017 से शुरू की थी। माझी कन्या भाग्यश्री योजना महाराष्ट्र सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य बालिका सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना है। यह एक सशर्त नकद हस्तांतरण योजना है जिसे राज्य में लिंगानुपात में सुधार लाने, प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है कि लड़कियाँ अपनी स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा पूरी करें।
यह योजना वास्तव में राज्य की पुरानी सुकन्या योजना का स्थान लेती है और केंद्र सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लाभों को भी इसमें शामिल करती है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
- बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन देना,
- लिंगानुपात सुधारना,
- बाल विवाह रोकना,
- और बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- बाल लिंगानुपात (सीएसआर) में सुधार: राज्य में लड़कों के मुकाबले लड़कियों के घटते अनुपात से निपटना।
- बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन: परिवारों को लड़कियों की कम से कम 12वीं कक्षा तक और आगे की शिक्षा पूरी करने के लिए प्रेरित करना।
- वित्तीय सुरक्षा: लड़की की भविष्य की शिक्षा और शादी के खर्चों के लिए एक वित्तीय कोष बनाना।
- सामाजिक सोच में बदलाव: बालिका के प्रति सामाजिक नजरिए को बदलना और उसके जन्म को एक उत्सव के रूप में मनाना।
योजना के लाभ
- यदि परिवार में एक बेटी है → सरकार ₹50,000 की फिक्स डिपॉज़िट (FD) बेटी के नाम से करवाती है।
- यदि परिवार में दो बेटियाँ हैं → प्रत्येक बेटी के नाम से ₹25,000 की FD (कुल ₹50,000)।
- ब्याज (Interest) माता-पिता हर 6 साल बाद निकाल सकते हैं।
- जब बेटी 18 वर्ष की हो जाएगी → पूरी राशि (FD + ब्याज) मिल जाएगी।
- बेटी के नाम से बैंक खाता खुलता है, जिसमें ₹5,000 ओवरड्राफ्ट और ₹1 लाख दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलता है।
कौन लाभ उठा सकता है? (पात्रता)
- परिवार महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- योजना का लाभ केवल पहली और दूसरी बेटी को मिलता है।
- यदि परिवार की वार्षिक आय ₹7.5 लाख से कम है तभी योजना लागू होगी।
- माता-पिता को परिवार नियोजन प्रमाणपत्र देना ज़रूरी है।
- यदि तीसरा बच्चा होता है, तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
कब लाभ नहीं मिलेगा?
- अगर बेटी की शादी 18 वर्ष से पहले हो जाती है।
- अगर बेटी स्कूल छोड़ देती है।
- अगर परिवार में तीसरा बच्चा होता है।
- इन स्थितियों में जमा राशि सरकार को वापस कर दी जाती है।
आवेदन कैसे करें?
- आवेदन ऑफलाइन किया जाता है।
- फॉर्म आपको आंगनवाड़ी केंद्र या महिला व बाल विकास कार्यालय से मुफ्त मिल जाएगा।
- भरा हुआ फॉर्म आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ जमा करना होता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- बच्ची का जन्म प्रमाणपत्र
- माता-पिता का आधार कार्ड
- परिवार की आय प्रमाणपत्र
- परिवार नियोजन प्रमाणपत्र
- बैंक खाता और पासबुक
- पासपोर्ट आकार का फोटो

संक्षेप में (तालिका)
| विषय | विवरण |
| शुरू होने की तारीख | :1 अगस्त 2017 |
| लाभ – एक बेटी: | ₹50,000 की FD |
| लाभ – दो बेटियाँ: | प्रत्येक को ₹25,000 FD (कुल ₹50,000) |
| आय सीमा: | ₹7.5 लाख वार्षिक से कम |
| कब राशि मिलेगी: | बेटी के 18 वर्ष पूरे होने पर |
| बैंक सुविधा: | ₹5,000 ओवरड्राफ्ट + ₹1 लाख बीमा |
| विशेष शर्त: | परिवार नियोजन प्रमाणपत्र ज़रूरी |
📝 आवेदन प्रक्रिया – स्टेप बाय स्टेप
1. आवेदन फॉर्म कहाँ मिलेगा?
- आवेदन फॉर्म आंगनवाड़ी केंद्र,
- जिल्हा महिला व बाल विकास कार्यालय,
- या संबंधित तालुका कार्यालय से मुफ़्त मिलता है।
2. फॉर्म भरने से पहले ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार करें
आपको यह कागजात लगाने होंगे –
- बच्ची का जन्म प्रमाणपत्र
- माता-पिता का आधार कार्ड
- परिवार का आय प्रमाणपत्र (वार्षिक आय ₹7.5 लाख से कम होना चाहिए)
- परिवार नियोजन प्रमाणपत्र (सरकारी अस्पताल/डॉक्टर से)
- राशन कार्ड / निवास प्रमाणपत्र
- बैंक पासबुक (बेटी/माता-पिता के नाम पर)
- पासपोर्ट साइज फोटो (2-3)
3. आवेदन फॉर्म कैसे भरें?
फॉर्म में साधारण जानकारी भरनी होती है –
- बच्ची का विवरण
- नाम, जन्म तारीख, जन्म प्रमाणपत्र नंबर
- जन्मस्थान (गाँव/शहर, जिला)
- माता-पिता का विवरण
- नाम, आधार नंबर
- व्यवसाय और वार्षिक आय
- परिवार नियोजन प्रमाणपत्र की जानकारी
- बैंक विवरण
- बैंक का नाम
- शाखा का नाम
- IFSC कोड और खाता नंबर
- घोषणा (Declaration)
- माता-पिता यह घोषणा करते हैं कि उनकी केवल एक या दो बेटियाँ हैं और वे परिवार नियोजन का पालन कर रहे हैं।
- 18 साल से पहले बेटी की शादी नहीं करेंगे।
- हस्ताक्षर / अंगूठा निशान
- माता और पिता दोनों को हस्ताक्षर या अंगूठा निशान करना अनिवार्य है।
4. फॉर्म कहाँ जमा करना है?
- भरा हुआ फॉर्म और सभी दस्तावेज़ आंगनवाड़ी केंद्र या जिल्हा महिला व बाल विकास कार्यालय में जमा करें।
- वहाँ अधिकारी आपके फॉर्म की जाँच करेंगे और मंजूरी देंगे।
5. मंजूरी के बाद क्या होगा?
- सरकार बेटी के नाम पर FD (फिक्स डिपॉज़िट) करेगी।
- आपको इसकी जानकारी बैंक और महिला व बाल विकास विभाग से लिखित रूप में मिलेगी।
- हर 6 साल बाद ब्याज निकाला जा सकता है और बेटी के 18 साल पूरे होने पर पूरी राशि (FD + ब्याज) बेटी को मिलेगी।
✅ ध्यान देने योग्य बातें
तीसरे बच्चे पर योजना का लाभ बंद हो जाता है।
अगर बेटी स्कूल छोड़ देती है या 18 साल से पहले शादी हो जाती है, तो पूरी राशि सरकार को वापस हो जाएगी।





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