गंभीर बीमारी योजना महाराष्ट्र : महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (MBOCWW) की गंभीर बीमारी योजना से पंजीकृत श्रमिकों को कैंसर, हृदय रोग आदि के इलाज के लिए ₹1 लाख की वित्तीय सहायता मिलती है। पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभ जानें।
इन श्रमिकों के अमूल्य योगदान और उनकी कमजोर स्थिति को जानते हुए, महाराष्ट्र श्रम विभाग के अधीन महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (MBOCWW) ने एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है: “गंभीर बीमारी के इलाज के लिए चिकित्सा सहायता (Medical Assistance for the Treatment of Critical Illness)”।
यह योजना राज्य के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों की भलाई के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो चिकित्सा आपात स्थितियों में आवश्यक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। यदि आप महाराष्ट्र में निर्माण श्रमिक हैं या इससे जुड़े हैं, तो यह लेख आपको योजना की पूरी जानकारी देगा, ताकि आप इसका लाभ उठा सकें।
गंभीर बीमारी के इलाज के लिए चिकित्सा सहायता योजना क्या है?
यह एक कल्याणकारी योजना है जो MBOCWW बोर्ड के साथ पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को निर्दिष्ट गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। योजना का मुख्य उद्देश्य कैंसर, किडनी फेलियर, हृदय रोग जैसी जानलेवा बीमारियों के इलाज से जुड़े भारी वित्तीय बोझ को कम करना है।

मुख्य विशेषताएं:
लाभ की राशि: ₹1,00,000 प्रति लाभार्थी।
उपलब्धता: यह लाभ 26 जुलाई, 2014 या उसके बाद किए गए इलाज के लिए उपलब्ध है, क्योंकि इसे श्रमिकों के लिए व्यापक मेडिक्लेम और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत शामिल किया गया है।
कवरेज: योजना श्रमिक, उनके जीवनसाथी और आश्रित बच्चों को कवर करती है।
यह योजना महाराष्ट्र निर्माण श्रमिकों के लिए एक जीवन रक्षक साबित हो रही है, जैसा कि बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल 2025 तक सैकड़ों लाभार्थियों को करोड़ों रुपये की सहायता वितरित की गई है।
गंभीर बीमारी योजना महाराष्ट्र योजना के लिए कौन पात्र है?
चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित मानदंड पूरे करने आवश्यक हैं:
प्राथमिक लाभार्थी: आवेदक MBOCWW बोर्ड के साथ पंजीकृत भवन या अन्य निर्माण श्रमिक होना चाहिए।
शामिल सदस्य: सहायता पंजीकृत श्रमिक, उनके जीवनसाथी और आश्रित बच्चों (आमतौर पर 18 वर्ष तक या अविवाहित बेटियां) के लिए उपलब्ध है।
पंजीकरण अवधि: श्रमिक का बोर्ड के साथ कम से कम 90 दिनों का पंजीकरण और योगदान आवश्यक है (बोर्ड के नियमों के अनुसार)।
शामिल बीमारियां: योजना में सूचीबद्ध गंभीर बीमारियां शामिल हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- कैंसर (Cancer)
- किडनी फेलियर (डायलिसिस या प्रत्यारोपण की आवश्यकता)
- प्रमुख अंग प्रत्यारोपण (हृदय, लीवर, फेफड़े आदि)
- ओपन हार्ट सर्जरी (जैसे बाईपास सर्जरी)
- गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकार (जैसे स्ट्रोक या ब्रेन ट्यूमर)
- बोर्ड द्वारा निर्दिष्ट अन्य जानलेवा बीमारियां।
यदि बीमारी योजना की सूची में नहीं है, तो बोर्ड से संपर्क करें। पात्रता की पुष्टि के लिए सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी से प्रमाणपत्र आवश्यक है।
गंभीर बीमारी योजना महाराष्ट्र योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी है। श्रमिक निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं. आवेदन फॉर्म प्राप्त करें: निकटतम MBOCWW कार्यालय, तालुका श्रम सुविधा केंद्र या आधिकारिक वेबसाइट https://mahabocw.in/ से निर्धारित आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें।
आवश्यक दस्तावेज तैयार करें: निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन फॉर्म।
- MBOCWW पंजीकरण प्रमाणपत्र और पहचान प्रमाण (जैसे आधार कार्ड)।
- मरीज का पहचान और आयु प्रमाण (आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र आदि)।
- मान्यता प्राप्त सरकारी या पैनल अस्पताल से चिकित्सा प्रमाणपत्र, विस्तृत निदान रिपोर्ट।
- अस्पताल के मूल बिल, रसीदें और डिस्चार्ज सारांश।
- बैंक खाता विवरण (डायरेक्ट ट्रांसफर के लिए)।
- एक शपथ-पत्र कि इलाज का विवरण सही है और उसी इलाज के लिए अन्य सरकारी योजनाओं से कोई सहायता नहीं ली गई है।
- सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी गंभीर बीमारी का प्रमाणपत्र।
आवेदन जमा करें: पूरे दस्तावेजों के साथ फॉर्म को संबंधित MBOCWW कार्यालय या नामित प्राधिकारी के पास जमा करें। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है।
सत्यापन और वितरण: बोर्ड दस्तावेजों और दावे का सत्यापन करेगा। सफल सत्यापन पर, ₹1,00,000 की राशि सीधे श्रमिक के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
प्रक्रिया में आमतौर पर 30-60 दिन लग सकते हैं, लेकिन आपात स्थिति में तेजी से विचार किया जाता है।

गंभीर बीमारी योजना महाराष्ट्र योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
महाराष्ट्र में लाखों निर्माण श्रमिकों के लिए यह योजना एक लाभदायक योजना है:
वित्तीय सुरक्षा: महंगे इलाज के डर को दूर करती है, परिवारों को कर्ज के जाल से बचाती है।
समावेशी कवरेज: पूरे परिवार को सुरक्षा प्रदान करती है, ताकि बच्चे या जीवनसाथी की बीमारी परिवार को आर्थिक रूप से कमजोर न करे।
स्वास्थ्य में गरिमा: श्रमिकों को अच्छे अस्पतालों में इलाज कराने का आत्मविश्वास देती है, बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करती है।
श्रमिकों का सम्मान: निर्माण श्रमिकों के कठिन परिश्रम को मान्यता देती है और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजना में समावेश करती है।
2025 तक, बोर्ड ने इस योजना के तहत हजारों श्रमिकों को सहायता प्रदान की है, जो राज्य की प्रगति में उनके योगदान की सराहना करती है।
“गंभीर बीमारी के इलाज के लिए चिकित्सा सहायता” योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि लाखों निर्माण श्रमिकों के लिए एक जीवन रेखा है। महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे की रीढ़ की हड्डी इन श्रमिकों के लिए, यह योजना स्वास्थ्य संकट के समय मानसिक शांति और समर्थन प्रदान करती है।
यदि आप पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं या किसी को जानते हैं, तो इस जानकारी को साझा करें। सही समय पर योजना का लाभ उठाना चाहिये। सबसे सटीक और अपडेटेड जानकारी के लिए, हमेशा आधिकारिक MBOCWW वेबसाइट https://mahabocw.in/ देखें या स्थानीय श्रम विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
महाराष्ट्र के निर्माणकर्ताओं, आपका स्वास्थ्य आपकी असली संपत्ति है। इसे सुरक्षित रखें और योजना का लाभ उठाएं!




