EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस 2026 में शुरू करें। PM E-Drive स्कीम से 80% सब्सिडी पाएं, ₹1-15 लाख निवेश से महीने में ₹50,000-1,50,000 कमाएं। पूरी गाइड हिंदी में।
अगर आप 2026 में कोई ऐसा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं जो न सिर्फ मुनाफा दे बल्कि देश के भविष्य में भी योगदान करे, तो EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस आपके लिए सही विकल्प है। टाटा सिएरा EV और महिंद्रा XUV 3XO EV जैसी नई गाड़ियां मार्च 2026 तक भारतीय सड़कों पर दौड़ने वाली हैं, और इसका मतलब है कि इस बिजनेस की मांग आसमान छूने वाली है।
यह सिर्फ एक अनुमान नहीं है। सरकार ने PM E-Drive योजना के तहत ₹10,900 करोड़ का बजट रखा है, जिसमें से ₹2,000 करोड़ सिर्फ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए है। तो चलिए समझते हैं कि कैसे आप कम निवेश में यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं और इससे लाखों कमा सकते हैं।
भारत में EV मार्केट का भविष्य: 2026 का गेम चेंजर
भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट तेजी से बढ़ रही है। 2024 में भारत में EV बिक्री में 66% की वृद्धि हुई है, और सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक 30% वाहन इलेक्ट्रिक हों। इससे बड़ी बात यह है कि 2026 में कुछ दमदार EV लॉन्च होने वाले हैं जो मार्केट में तहलका मचा देंगे।
2026 में लॉन्च होने वाली प्रमुख EVs:
- टाटा सिएरा EV
- महिंद्रा XUV 3XO EV
- मारुति ई-विटारा
- किआ की नई EV रेंज
इतनी सारी नई गाड़ियां मतलब लाखों नए EV यूजर्स, और उन सबको चार्जिंग की जरूरत पड़ेगी। अभी भारत में सिर्फ 12,146 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन हैं, जबकि 2030 तक कम से कम 1 लाख चार्जिंग पॉइंट्स की जरूरत है। यह गैप ही EV चार्जिंग स्टेशन के लिए आपका सुनहरा मौका है।
PM E-Drive स्कीम: सरकारी मदद से शुरू करें यह बिजनेस
भारत सरकार ने 1 अक्टूबर 2024 से PM E-Drive योजना शुरू की है, जो 31 मार्च 2026 तक चलेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है EV को बढ़ावा देना और EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस को मजबूत करना।
PM E-Drive योजना से मिलने वाली सुविधाएं
योजना के तहत कुल 72,300 नए पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे:
- 22,100 फास्ट चार्जर चार पहिया वाहनों के लिए
- 48,400 फास्ट चार्जर दो और तीन पहिया वाहनों के लिए
- 1,800 फास्ट चार्जर ई-बसों के लिए
सबसे बड़ी बात यह है कि इन चार्जिंग स्टेशन की स्थापना के लिए सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर लागत का 80% तक सब्सिडी दे रही है। महाराष्ट्र EV पॉलिसी 2025 के तहत Viability Gap Funding (VGF) के जरिए CPO को 15% तक (DC फास्ट चार्जर के लिए अधिकतम ₹10 लाख) की सब्सिडी मिल रही है।
EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस में कितना खर्च आएगा?
अब असली सवाल यह है कि चार्जिंग स्टेशन सेटअप में कितना पैसा लगेगा। आपका निवेश मुख्य रूप से तीन बातों पर निर्भर करता है: लोकेशन, चार्जर का टाइप, और आपकी बिजनेस स्ट्रैटेजी।
बेसिक चार्जिंग स्टेशन का खर्च
अगर आप EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस में छोटे स्तर पर शुरुआत करना चाहते हैं, तो AC चार्जर के साथ ₹1-2 लाख में काम हो सकता है। यह होम या ऑफिस चार्जिंग के लिए सही रहता है।
AC चार्जर (3.3kW – 7.4kW)
- चार्जर की कीमत: ₹15,000 – ₹30,000
- इंस्टॉलेशन खर्च: ₹20,000 – ₹50,000
- बिजली कनेक्शन: ₹30,000 – ₹70,000
- कुल खर्च: ₹1-2 लाख
कमर्शियल फास्ट चार्जिंग स्टेशन का खर्च
अगर आप हाईवे, मॉल या व्यावसायिक इलाके में स्टेशन खोलना चाहते हैं, तो DC फास्ट चार्जर बेहतर विकल्प है। 30kW DC चार्जर ज्यादातर EV को 30-45 मिनट में चार्ज कर देता है।
DC फास्ट चार्जर (30kW – 60kW)
- DC चार्जर की कीमत: ₹7-12 लाख
- इंफ्रास्ट्रक्चर (ट्रांसफॉर्मर, केबल): ₹2-5 लाख
- सिविल वर्क और फाउंडेशन: ₹1-2 लाख
- सॉफ्टवेयर और पेमेंट सिस्टम: ₹20,000 – ₹1 लाख
- लैंड लीज (यदि जमीन नहीं है): ₹20,000-1 लाख प्रति माह
- कुल खर्च: ₹11-15 लाख
सोलर EV चार्जिंग स्टेशन
अगर आप लॉन्ग-टर्म में बिजली का खर्च कम करना चाहते हैं, तो सोलर पैनल के साथ चार्जिंग स्टेशन लगा सकते हैं।
सोलर चार्जिंग स्टेशन (30kW चार्जर + 25kW सोलर)
- DC चार्जर: ₹7-12 लाख
- सोलर पैनल (25kW): ₹10-15 लाख
- बैटरी स्टोरेज (वैकल्पिक): ₹3-6 लाख
- इंस्टॉलेशन और बैलेंस ऑफ सिस्टम: ₹3-5 लाख
- कुल खर्च: ₹20-35 लाख
सब्सिडी के बाद: अगर आप 80% सब्सिडी का फायदा उठाते हैं, तो ₹15 लाख का निवेश सिर्फ ₹3 लाख में हो सकता है।
सही लोकेशन कैसे चुनें: बिजनेस की सफलता का राज
लोकेशन वह चीज है जो आपके EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस को बना या बिगाड़ सकती है। सही जगह चुनने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखें:
हाई-ट्रैफिक एरिया चुनें
हाईवे और एक्सप्रेसवे: लंबी दूरी के यात्रियों को फास्ट चार्जिंग की सख्त जरूरत होती है। दिल्ली-जयपुर, मुंबई-पुणे, बेंगलुरु-चेन्नई जैसे मुख्य हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन बहुत मुनाफा देते हैं। सरकार हर 100 किलोमीटर पर एक चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रख रही है।
कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और मॉल: यहां लोग 2-3 घंटे बिताते हैं, इसलिए चार्जिंग के लिए यह आदर्श जगह है। पार्किंग में चार्जिंग सुविधा होने से EV ओनर्स को आकर्षित किया जा सकता है।
ऑफिस पार्क और टेक हब: बेंगलुरु, हैदराबाद, गुड़गांव जैसे शहरों के IT पार्क में EV यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यहां दिन भर चार्जिंग की स्थिर डिमांड रहती है।
रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स: अपार्टमेंट और हाउसिंग सोसाइटी में रात भर चार्जिंग सुविधा देने से निवासियों के लिए सुविधाजनक होता है।
टूरिस्ट स्पॉट और होटल: उदयपुर, गोवा, शिमला जैसे पर्यटन स्थलों पर EV चार्जिंग की मांग बढ़ रही है।

चार्जिंग स्टेशन से कमाई कैसे होगी?
अब सबसे जरूरी सवाल: EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस से कितना मुनाफा होगा? चार्जिंग स्टेशन से कमाई के तीन मुख्य जरिए हैं।
चार्जिंग फीस से आय
यह आपकी मुख्य कमाई है। आप जितना बिजली यूनिट चार्ज करेंगे, उस पर प्रति kWh के हिसाब से पैसे लेंगे। भारत में पब्लिक चार्जिंग की कीमत आमतौर पर ₹12-20 प्रति kWh होती है।
उदाहरण: 30kW DC फास्ट चार्जर से मासिक कमाई
मान लीजिए आपका चार्जिंग स्टेशन रोज 15 गाड़ियां चार्ज करता है, और हर गाड़ी औसतन 30 kWh चार्ज लेती है।
- प्रति गाड़ी बिजली खपत: 30 kWh
- चार्जिंग रेट: ₹20 प्रति kWh
- प्रति गाड़ी राजस्व: 30 x 20 = ₹600
- दैनिक राजस्व (15 गाड़ियां): 15 x 600 = ₹9,000
- मासिक राजस्व: ₹2,70,000
अब बिजली की खरीद लागत घटाएं:
- बिजली खरीद दर: ₹6 प्रति kWh
- मासिक बिजली खपत: 15 x 30 x 30 = 13,500 kWh
- मासिक बिजली खर्च: 13,500 x 6 = ₹81,000
सकल मार्जिन: ₹1,89,000 (70%)
इसमें से मेंटेनेंस, स्टाफ, और अन्य खर्च (₹30,000-40,000) घटा दें, तो शुद्ध मुनाफा ₹1,50,000 प्रति माह तक हो सकता है।
टाटा पावर के अनुसार, अच्छी लोकेशन पर औसतन ₹80,000 से ₹1,50,000 प्रति माह की कमाई हो सकती है। Statiq EV Mitra फ्रेंचाइजी मॉडल में 50%+ की औसत इक्विटी IRR और 2-5 साल में ब्रेकइवन की उम्मीद है।
एडवर्टाइजिंग और स्पॉन्सरशिप
अगर आपका चार्जिंग स्टेशन किसी व्यस्त जगह पर है, तो डिजिटल स्क्रीन या बिलबोर्ड पर विज्ञापन देकर अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। ग्रीन मोबिलिटी से जुड़े ब्रांड इन जगहों पर विज्ञापन देना पसंद करते हैं।
वैल्यू-एडेड सर्विसेज
फास्ट चार्जर से गाड़ी चार्ज होने में 20-40 मिनट लगते हैं। इस दौरान ग्राहक के पास समय होता है। आप छोटा कैफे, वेंडिंग मशीन, या कन्वीनियंस स्टोर खोल सकते हैं। कुछ चार्जिंग स्टेशन कार वॉश, टायर चेक जैसी सर्विस भी देते हैं।

बिजनेस शुरू करने के स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
अब तक आपने समझ लिया होगा कि EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस क्यों फायदेमंद है। अब देखते हैं कि इसे शुरू कैसे करें।
बिजनेस प्लान बनाएं
लोकेशन और परमिट
चार्जर और इक्विपमेंट खरीदें
इंस्टॉलेशन और टेस्टिंग
सॉफ्टवेयर और पेमेंट इंटीग्रेशन
मार्केटिंग और प्रमोशन
फ्रेंचाइजी vs खुद का चार्जिंग स्टेशन
अब आपके सामने दो विकल्प हैं: किसी बड़ी कंपनी की फ्रेंचाइजी लें या अपना खुद का स्टेशन शुरू करें।
फ्रेंचाइजी के फायदे
टाटा पावर EZ चार्ज: भारत का सबसे बड़ा नेटवर्क, 550+ शहरों में 5,500+ चार्जिंग पॉइंट्स। फ्रेंचाइजी फीस ₹1-2.5 लाख, प्लस इंस्टॉलेशन खर्च। टाटा पावर साइट सिलेक्शन से लेकर मेंटेनेंस तक सब संभालती है। कुल निवेश ₹10 लाख से ₹50 लाख तक हो सकता है।
Statiq EV Mitra: SBI के साथ पार्टनरशिप, सिर्फ 20% इक्विटी निवेश करें और बाकी 80% SBI लोन से मिलता है। ₹10 लाख से ₹5 करोड़ तक की फंडिंग उपलब्ध है, 8-10% ब्याज दर पर। महिला उद्यमियों को अतिरिक्त 10 bps की छूट।
फ्रेंचाइजी का फायदा यह है कि ब्रांड की पहचान और कस्टमर बेस पहले से तैयार होता है। लेकिन आपको रॉयल्टी या रेवेन्यू शेयरिंग करनी पड़ती है।
खुद का स्टेशन
अगर आप पूरी आजादी चाहते हैं और रेवेन्यू 100% अपने पास रखना चाहते हैं, तो अपना ब्रांड बनाएं। शुरुआती मेहनत ज्यादा होगी, लेकिन लंबे समय में ज्यादा मुनाफा होगा।

2030 तक भविष्य की संभावनाएं
भारत सरकार का लक्ष्य है 2030 तक 30% वाहन इलेक्ट्रिक हों। NITI Aayog के अनुसार, इसके लिए कम से कम 4 लाख चार्जिंग पॉइंट्स की जरूरत होगी। अभी सिर्फ 12,000+ हैं, यानी लगभग 33 गुना वृद्धि होनी है।
इसका मतलब है कि अगले 5 सालों में हर साल 65,000+ नए चार्जिंग पॉइंट्स लगने चाहिए। यह EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस के लिए अभूतपूर्व अवसर है।
बैटरी स्वैपिंग का भविष्य
PM E-Drive स्कीम में बैटरी स्वैपिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। खासकर दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों के लिए यह बेहतर विकल्प है क्योंकि 2 मिनट में बैटरी बदल जाती है।
Sun Mobility, Bounce, Zypp Electric जैसी कंपनियां बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगा रही हैं। अगर आपकी लोकेशन में दो-पहिया EV ज्यादा हैं (जैसे डिलीवरी बॉय), तो बैटरी स्वैपिंग मॉडल भी विचार कर सकते हैं।
वायरलेस चार्जिंग
भविष्य में वायरलेस चार्जिंग टेक्नोलॉजी आएगी, जहां गाड़ी पार्क करते ही ऑटोमैटिक चार्ज होने लगेगी। अभी यह महंगा है, लेकिन 2030 तक कमर्शियल हो सकता है।
2026 का सुनहरा मौका
भारत में EV क्रांति आ चुकी है और 2026 EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस में एंट्री लेने का सबसे अच्छा समय है। टाटा सिएरा EV, महिंद्रा XUV 3XO EV, और दूसरी नई गाड़ियां सड़कों पर उतरने वाली हैं, सरकार PM E-Drive स्कीम के जरिए भारी सब्सिडी दे रही है, और मार्केट तेजी से बढ़ रहा है।
₹1-15 लाख के निवेश से आप यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं और सब्सिडी के बाद खर्च और भी कम हो जाता है। महीने में ₹50,000 से ₹1,50,000 तक की कमाई आसानी से हो सकती है, और यह सिर्फ शुरुआत है। जैसे-जैसे EV की संख्या बढ़ेगी, आपका मुनाफा भी बढ़ेगा।
सबसे जरूरी बात यह है कि यह बिजनेस सिर्फ पैसा कमाने के बारे में नहीं है। आप भारत को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण छोड़ रहे हैं। कार्बन एमिशन कम करने में मदद कर रहे हैं।
तो अगर आप 2026 में EV चार्जिंग स्टेशन बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो देर न करें। PM E-Drive स्कीम की आवेदन प्रक्रिया शुरू करें, सही लोकेशन की रिसर्च करें, और इस बढ़ती हुई इंडस्ट्री का हिस्सा बनें। आज ही प्लानिंग शुरू करें और भारत के इलेक्ट्रिक फ्यूचर में अपनी जगह सुरक्षित करें।




