PMEGP योजना से 50 लाख तक का लोन पाएं 35% सब्सिडी के साथ। जानिए प्रधानमंत्री रोजगार जनरेशन प्रोग्राम की पूरी जानकारी, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया हिंदी में।
क्या आप अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं?
अगर पैसों की कमी आपके सपनों के बीच दीवार बन गई है, तो यह लेख आपके लिए है। प्रधानमंत्री रोजगार जनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) एक ऐसी सरकारी योजना है जो आपके बिजनेस के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए बनाई गई है। इस योजना में आपको सिर्फ लोन ही नहीं मिलता, बल्कि 15% से 35% तक की सीधी सब्सिडी भी मिलती है।
आइए समझते हैं कि यह योजना कैसे काम करती है, कौन इसका फायदा उठा सकता है, और आवेदन कैसे करना है।
PMEGP योजना क्या है?
PMEGP यानी Prime Minister’s Employment Generation Programme भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जो अगस्त 2008 में शुरू की गई थी। यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा चलाई जाती है।
इस योजना को दो पुरानी योजनाओं – प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (REGP) को मिलाकर बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
योजना के मुख्य उद्देश्य
- स्वरोजगार को बढ़ावा देना – युवाओं को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना
- पलायन रोकना – गांवों से शहरों की ओर पलायन को कम करना
- पारंपरिक कारीगरों की मदद – देश भर के कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहायता देना
- रोजगार सृजन – प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार देना
PMEGP योजना के तहत कितना लोन मिलता है?
यह योजना दो अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग राशि प्रदान करती है:
विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector)
- अधिकतम प्रोजेक्ट लागत: 50 लाख रुपये
- नए उद्योग, कारखाने, उत्पादन इकाइयां आदि के लिए
सेवा/व्यापार क्षेत्र (Service/Business Sector)
- अधिकतम प्रोजेक्ट लागत: 20 लाख रुपये
- दुकानें, सेवा केंद्र, व्यापारिक गतिविधियां आदि के लिए
पैसे का विभाजन कैसे होता है?
मान लीजिए आप 20 लाख रुपये का प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं:
- आपका योगदान: 5-10% (1-2 लाख रुपये)
- सरकारी सब्सिडी: 15-35% (3-7 लाख रुपये) – यह वापस नहीं करना होता
- बैंक लोन: बाकी राशि (60-75%)
यानी आपको केवल बैंक के लोन को ही वापस करना है, सब्सिडी की राशि आपको नहीं लौटानी होती।
सब्सिडी कितनी मिलती है?
सब्सिडी की राशि दो बातों पर निर्भर करती है – आप किस श्रेणी से हैं और आपका व्यवसाय कहां स्थित है।
सामान्य श्रेणी के लिए (General Category)
- शहरी क्षेत्र में: परियोजना लागत का 15%
- ग्रामीण क्षेत्र में: परियोजना लागत का 25%
विशेष श्रेणी के लिए (Special Category)
- शहरी क्षेत्र में: परियोजना लागत का 25%
- ग्रामीण क्षेत्र में: परियोजना लागत का 35%
विशेष श्रेणी में कौन आते हैं?
- अनुसूचित जाति (SC)
- अनुसूचित जनजाति (ST)
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
- अल्पसंख्यक समुदाय
- महिलाएं
- भूतपूर्व सैनिक
- दिव्यांगजन
- ट्रांसजेंडर
- उत्तर पूर्व के राज्यों के निवासी
- पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी
- आकांक्षी जिलों के निवासी
PMEGP योजना के लिए पात्रता
योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:
आयु और शैक्षणिक योग्यता
- न्यूनतम आयु: 18 वर्ष या उससे अधिक
- 10 लाख रुपये से अधिक की विनिर्माण परियोजना के लिए कम से कम 8वीं पास होना जरूरी
- 5 लाख रुपये से अधिक की सेवा/व्यापार परियोजना के लिए भी 8वीं पास अनिवार्य
अन्य शर्तें
- नई परियोजना होनी चाहिए – पुरानी या चल रही इकाइयां पात्र नहीं हैं
- एक परिवार से एक ही व्यक्ति – परिवार का मतलब है आप और आपका जीवनसाथी
- आधार कार्ड अनिवार्य – आवेदन के लिए आधार नंबर जरूरी है
- पहले से सब्सिडी न ली हो – अगर आपने किसी अन्य सरकारी योजना से सब्सिडी ली है, तो आप पात्र नहीं हैं
- परियोजना में पूंजी व्यय होना चाहिए – बिना पूंजी खर्च वाली परियोजनाएं पात्र नहीं हैं
कौन आवेदन कर सकता है?
- व्यक्तिगत आवेदक
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- समाज कल्याण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत संस्थाएं
- ट्रस्ट और सहकारी समितियां
PMEGP योजना के फायदे
1. बिना गिरवी का लोन
10 लाख रुपये तक के लोन के लिए किसी भी प्रकार की गिरवी या सिक्योरिटी की जरूरत नहीं है। यह योजना की सबसे बड़ी खासियत है।
2. उदार ब्याज दर
PMEGP लोन पर ब्याज दर आमतौर पर 11% से 12% के बीच होती है, जो सामान्य बिजनेस लोन से कम है।
3. लंबी अदायगी अवधि
लोन चुकाने के लिए 3 से 7 साल तक का समय मिलता है। इसके अलावा शुरुआत में 6 महीने की मोहलत भी मिल सकती है।
4. मार्केटिंग सहायता
KVIC के विक्रय आउटलेट्स में अपने उत्पाद बेचने का मौका मिलता है। साथ ही जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
5. प्रशिक्षण की सुविधा
2-3 सप्ताह का उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे आप बिजनेस चलाना सीख सकते हैं।
6. दूसरा लोन भी उपलब्ध
अगर आपका व्यवसाय अच्छा चल रहा है और आप इसे बढ़ाना चाहते हैं, तो दूसरे लोन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं:
- विनिर्माण क्षेत्र के लिए 1 करोड़ रुपये तक
- सेवा क्षेत्र के लिए 25 लाख रुपये तक
कौन सी परियोजनाएं शामिल हैं?
PMEGP योजना लगभग सभी गैर-कृषि क्षेत्रों को कवर करती है। कुछ उदाहरण:
विनिर्माण क्षेत्र
- खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां
- हस्तशिल्प और हथकरघा
- वस्त्र उत्पादन
- चमड़ा उद्योग
- लकड़ी और बांस का काम
- रसायन और पॉलिमर आधारित उत्पाद
- इंजीनियरिंग और गैर-पारंपरिक ऊर्जा
सेवा क्षेत्र
- परिवहन सेवाएं
- इलेक्ट्रॉनिक्स मरम्मत
- खादी उत्पाद खुदरा विक्रय
- शैक्षणिक और प्रशिक्षण सेवाएं
- पर्यटन और आतिथ्य
- स्वास्थ्य और देखभाल सेवाएं
व्यापार क्षेत्र
- खादी उत्पादों की दुकानें
- ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री
- PMEGP इकाइयों द्वारा निर्मित उत्पादों का व्यापार
ध्यान दें: कुछ गतिविधियां जैसे होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं का निर्माण आदि इस योजना में शामिल नहीं हैं।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी:
- आधार कार्ड (अनिवार्य)
- पैन कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (अगर विशेष श्रेणी से हैं)
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- ग्रामीण क्षेत्र का प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक खाता विवरण
- EDP प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो)
PMEGP योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
योजना के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन है। कोई भी मैनुअल आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
स्टेप-बाय-स्टेप आवेदन प्रक्रिया
Step 1: पोर्टल पर जाएं
- KVIC की आधिकारिक वेबसाइट www.kviconline.gov.in पर जाएं
- PMEGP Portal पर क्लिक करें
Step 2: रजिस्ट्रेशन करें
- “Online Application Form for Individual” पर क्लिक करें
- आधार नंबर दर्ज करें (यह UIDAI से वेरिफाई होगा)
- अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भरें
Step 3: आवेदन फॉर्म भरें
- व्यक्तिगत जानकारी भरें
- शैक्षणिक विवरण दें
- परियोजना का विवरण भरें
- बैंक की जानकारी दें
Step 4: दस्तावेज अपलोड करें
- सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें
- फोटो अपलोड करें
- परियोजना रिपोर्ट अपलोड करें
Step 5: आवेदन सबमिट करें
- सभी जानकारी की जांच करें
- “Submit Application” पर क्लिक करें
- आपको Application ID और Password मिलेगा (इसे संभाल कर रखें)
Step 6: ट्रैकिंग
- अपनी Application ID से आवेदन की स्थिति देख सकते हैं
- हर चरण पर SMS और Email अलर्ट मिलेंगे
आवेदन के बाद क्या होता है?
- जिला अधिकारी द्वारा जांच – KVIC/KVIB/DIC अधिकारी आपके आवेदन और दस्तावेजों की जांच करते हैं
- बैंक को भेजना – योग्य पाए जाने पर आवेदन संबंधित बैंक को भेजा जाता है
- बैंक का मूल्यांकन – बैंक परियोजना की व्यवहार्यता की जांच करता है
- स्वीकृति – सब कुछ ठीक रहने पर लोन स्वीकृत हो जाता है
- सब्सिडी का भुगतान – परियोजना पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि आपके खाते में आती है
समय सीमा: आमतौर पर पूरी प्रक्रिया में लगभग 2 महीने का समय लगता है।
महत्वपूर्ण बातें जो आपको जाननी चाहिए
जमीन की लागत शामिल नहीं
परियोजना की लागत में जमीन खरीदने का खर्च शामिल नहीं किया जा सकता। हां, अगर आप किराए पर वर्कशॉप लेते हैं तो अधिकतम 3 साल के किराए को शामिल किया जा सकता है।
सब्सिडी का लॉक-इन पीरियड
सब्सिडी की राशि 3 साल के लिए एक अलग सेविंग अकाउंट में लॉक रहती है। इस दौरान आपको:
- कम से कम एक बार कैश क्रेडिट लिमिट का उपयोग करना होगा
- स्वीकृत सीमा का कम से कम 75% उपयोग करना होगा
PMEGP योजना की सफलता की कहानियां
पूरे देश में हजारों युवाओं ने इस योजना के जरिए अपने सपनों को साकार किया है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इस योजना का व्यापक लाभ मिला है।
किसान, महिलाएं, युवा स्नातक, और पारंपरिक कारीगर सभी ने इस योजना से मदद पाई है। छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करके लोगों ने न सिर्फ खुद के लिए रोजगार पैदा किया, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दिया।
प्रधानमंत्री रोजगार जनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) उन सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। 35% तक की सब्सिडी, बिना गिरवी का लोन, और सरकारी सहायता – यह सब एक साथ मिलता है इस योजना में।
अगर आपके मन में बिजनेस का कोई आइडिया है और आप उसे असलियत में बदलना चाहते हैं, तो PMEGP योजना आपके लिए है। बस याद रखें कि एक अच्छी परियोजना रिपोर्ट बनाएं, सभी दस्तावेज तैयार रखें, और धैर्य के साथ प्रक्रिया को पूरा करें।
आपका सपना, सरकार का साथ – यही है PMEGP योजना का असली मकसद। तो देर किस बात की? आज ही www.kviconline.gov.in पर जाएं और अपने सपनों को पंख दें।
संपर्क जानकारी:
- KVIC वेबसाइट: www.kviconline.gov.in
- PMEGP पोर्टल: www.kviconline.gov.in/pmegpeportal
- टॉल-फ्री नंबर: अपने जिले के KVIC/KVIB/DIC कार्यालय से संपर्क करें
- MSME मंत्रालय: www.msme.gov.in
अस्वीकरण: यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से ली गई है। योजना के नियम और शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं। कृपया आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी की जांच करें।




