प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: ₹6000 की आर्थिक मदद कैसे पाएं?

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की एक बहुत ही अच्छी पहल है। इसका मकसद गर्भवती महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य सुधारना है। यह योजना गर्भावस्था के दौरान होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई करने और बेहतर पोषण उपलब्ध कराने में मदद करती है।

इस योजना के पीछे मुख्य विचार यह है कि हर गर्भवती महिला को गर्भावस्था और प्रसव के बाद के समय में पर्याप्त आराम और पोषण मिल सके। अक्सर आर्थिक तंगी के कारण महिलाएं अपनी सेहत पर पूरा ध्यान नहीं दे पातीं। इस योजना के जरिए सरकार उन्हें सीधे तौर पर आर्थिक मदद देकर इस समस्या से निपटने में मदद कर रही है।

इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें हैं:

  • महिला की उम्र 19 साल या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • यह लाभ सिर्फ पहली जीवित संतान के लिए ही मिलता है।
  • गर्भधारण की तारीख 1 जनवरी 2017 या उसके बाद की होनी चाहिए।
  • सरकारी नौकरी में काम करने वाली महिलाएं इस योजना की पात्र नहीं हैं।

योजना के तहत कुल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है:

पहली किस्त (1000 रुपये): गर्भावस्था के पंजीकरण और पहली प्रसव पूर्व जांच (ANC) पूरी करने पर।

दूसरी किस्त (2000 रुपये): गर्भावस्था के छठे महीने के बाद कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच कराने पर।

तीसरी किस्त (2000 रुपये): बच्चे के जन्म का पंजीकरण और उसके पहले टीकाकरण चक्र को पूरा करने पर।

अगर प्रसव किसी सरकारी अस्पताल में होता है, तो जनधन खाते के जरिए अतिरिक्त 1000 रुपये की मदद भी मिल सकती है।

आवेदन करते समय आपको ये दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:

  • आधार कार्ड (महिला और पति दोनों का)
  • बैंक खाता पासबुक (आधार से लिंक होना जरूरी है)
  • मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड (MCP Card)
  • गर्भावस्था का प्रमाण पत्र
  • पिछली मासिक धर्म की तारीख (LMP) का प्रमाण
  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (तीसरी किस्त के लिए)
  • टीकाकरण कार्ड (तीसरी किस्त के लिए)
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

आवेदन की दो प्रमुख विधियां हैं:

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmmvy.wcd.gov.in पर जाएं।
  • ‘Citizen Login’ पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
  • लॉग इन करने के बाद आवेदन फॉर्म को ध्यान से भरें और जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करें।
  • आवेदन जमा करने के बाद मिलने वाली आवेदन संख्या को सुरक्षित रख लें।

आप अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क कर सकती हैं।

वहां से आवेदन फॉर्म लेकर उसे भरें और जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा कर दें।

आशा कार्यकर्ता या ANM भी इस प्रक्रिया में आपकी मदद कर सकती हैं।

  • आधिकारिक वेबसाइट पर ‘Track Your Application’ के विकल्प पर क्लिक करके अपनी आवेदन संख्या या आधार नंबर डालें।
  • आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भी हर किस्त की जानकारी मिलती रहेगी।
  • कभी-कभी पैसा न आना या आवेदन रिजेक्ट हो जाना जैसी समस्याएं आ सकती हैं। ऐसे में आप इन चीजों का ध्यान रखें:
  • सबसे पहले अपने बैंक खाते का विवरण और आधार लिंकिंग जांच लें।
  • सभी दस्तावेज सही और स्पष्ट होने चाहिए।
  • अगर समस्या बनी रहती है, तो आप राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 011-23382393 पर संपर्क कर सकती हैं।

इस योजना का लाभ लेने के लिए समय सीमा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। पहली किस्त के लिए गर्भावस्था के 150 दिनों के भीतर आवेदन करना होता है, जबकि तीसरी किस्त के लिए बच्चे के जन्म के 3 महीने के अंदर आवेदन जमा करना अनिवार्य है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। यह न सिर्फ आर्थिक मदद देती है, बल्कि सेहतमंद मां और सेहतमंद बच्चे के लिए एक बेहतर शुरुआत भी कराती है। अगर आप या आपकी कोई जान-पहचान वाली महिला इस योजना की पात्र है, तो समय रहते आवेदन करके इसका लाभ जरूर उठाएं।

याद रखें, यह योजना पूरी तरह से मुफ्त है। इसमें आवेदन के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं लगती। किसी भी तरह की सहायता के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों की ही मदद लें।

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